DM Kaise Bane

DM Kaise Bane: डीएम बनने के लिए कितनी उम्र होनी चाहिए? जानिये पूरी जानकारी हिंदी में

DM Kaise Bane: दोस्तों, हर छात्र अपने जीवन में किसी न किसी क्षेत्र में सफल होना चाहता है। कोई चिकित्सक बनना चाहता है, कोई इंजीनियर बनना चाहता है, तो कोई पुलिस अधिकारी, और कोई जिलाधिकारी या उपायुक्त बनना चाहता है। अगर आपका भी जिलाधिकारी बनने का सपना है, तो आपके मन में बहुत सारे सवाल उठते होंगे, जैसे कि जिलाधिकारी कैसे बनते हैं? जिलाधिकारी की वेतनमान क्या होती है, जिलाधिकारी के कार्य और दायित्व क्या होते हैं।

तो इस लेख में हम आपको विस्तृत जानकारी देने जा रहे हैं। आज का यह लेख बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि जिलाधिकारी कैसे बनें? और इस पद को प्राप्त करने के लिए किन योग्यताओं की आवश्यकता होती है। इसलिए इस पोस्ट को शुरू से लेकर आखिर तक ध्यान से पढ़ें

जिलाधिकारी कैसे बनें? जिलाधिकारी (डीएम) यानी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट जिले का प्रमुख अधिकारी होता है। वह जिले की कानून व्यवस्था को बनाए रखता है। प्रत्येक जिले में एक न्यायालय होता है। जिला न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को ही (डीएम) या जिला न्यायाधीश कहा जाता है।

डीएम क्या होता है?

जिला न्यायालय के प्रमुख अधिकारी को डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) कहा जाता है। जिलाधिकारी जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करता है। और प्रत्येक जिले में एक जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) होता है।

डीएम का मुख्य कार्य जिले में कानून व्यवस्था को बनाए रखना और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की निगरानी करना होता है।

इसलिए, जिला मजिस्ट्रेट को डीएम के रूप में भी जाना जाता है, जो जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है।

DM Kaise Bane? डीएम कैसे बने?

दोस्तों, जिलाधिकारी का पद जिले में सबसे सम्माननीय और प्रशासनिक क्षेत्र में सर्वोच्च पद होता है। यह प्रशासनिक सेवा का एक प्रतिष्ठित पद है। इस पद को प्राप्त करने के लिए आपको सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। सीएसई परीक्षा पास करने के बाद आपको भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित होना होगा। उसके बाद प्रोन्नति के माध्यम से आप जिला मजिस्ट्रेट का पद प्राप्त कर सकते हैं।

जिला मजिस्ट्रेट यानी डीएम बनने के लिए सबसे पहले आपको एक आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) परीक्षा देनी होगी। इसके लिए आपको उच्च शिक्षा प्राप्त करनी होगी और परीक्षा की तैयारी के लिए सामग्री का अध्ययन करना होगा। एक चयनित आईएएस अधिकारी के रूप में आपको संघ या राज्य सरकार में काम करके अनुभव हासिल करना होगा। अंत में, प्रशासनिक क्षेत्र में प्रमुख अधिकारी के रूप में नियुक्त होने के लिए आपको अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन साबित करना होगा।

DM का फुल फॉर्म

डीएम का पूर्ण रूप District Magistrate होता है। हिंदी में इसे जिला न्यायाधीश या जिला दंडाधिकारी भी कहा जाता है।

12th के बाद डीएम कैसे बने?

जिलाधिकारी (डीएम) बनने के लिए उम्मीदवार को संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) को उत्तीर्ण करना होता है। यदि आप इस परीक्षा में सफल होते हैं, तो आप भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बन जाते हैं।

आईएएस अधिकारी के रूप में कुछ समय के अनुभव के बाद, आपको पदोन्नति देकर जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के पद पर नियुक्त किया जाता है।

इस प्रकार, सफल आईएएस अधिकारी जो उच्च प्रदर्शन और अनुभव रखते हैं, उन्हें जिले के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जिलाधिकारी के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया जाता है।

DM बनने के लिए कौन सी पढ़ाई करनी पड़ती है?

हाँ, आपने बिलकुल सही कहा। जिलाधिकारी (डीएम) बनने के लिए निश्चित शैक्षणिक योग्यताओं को पूरा करना अनिवार्य होता है। इसके लिए निम्नलिखित शैक्षणिक योग्यताएं आवश्यक हैं:

  1. स्नातक डिग्री: आपको किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त करनी होगी।
  2. विशेष उपाधि और प्रशिक्षण: इसके बाद आपको जिलाधिकारी के पद के लिए विशेष उपाधि और प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा।
  3. डीएम परीक्षा: आपको अपनी योग्यता सिद्ध करने के लिए एक विशेष डीएम परीक्षा देनी होगी, जिसमें आपकी क्षमता और दक्षता का मूल्यांकन किया जाएगा।

इस प्रकार, उपरोक्त शैक्षणिक योग्यताओं और परीक्षा में सफलता के बाद ही आप जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के सम्माननीय पद के लिए पात्र होंगे। यह एक उच्च पद है और इसके लिए कठोर प्रयास और मेहनत करनी होगी।

डीएम बनने के लिए कितनी उम्र होनी चाहिए?

जिलाधिकारी (डीएम) बनने के लिए निम्नलिखित शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा की अनिवार्य आवश्यकता होती है:

शैक्षणिक योग्यता: अभ्यर्थियों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त करना अनिवार्य है।

आयु सीमा: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों की आयु 21 वर्ष से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

इस प्रकार, एक स्नातक डिग्री और निर्धारित आयु सीमा के अंतर्गत आने वाले अभ्यर्थी ही सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) के लिए योग्य होंगे। सीएसई परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद ही वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में चयनित होंगे और बाद में जिलाधिकारी (डीएम) के पद पर नियुक्त किए जाएंगे।

इसलिए, शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा को पूरा करना जिलाधिकारी बनने की पहली और महत्वपूर्ण शर्त है।

DM बनने के लिए कौन सा सब्जेक्ट लेना चाहिए?

जिलाधिकारी (डीएम) बनने के लिए विभिन्न विषयों की तैयारी करना बहुत महत्वपूर्ण है। इसके लिए आपको निम्नलिखित विषयों पर विशेष ध्यान देना चाहिए:

  • सामान्य ज्ञान
  • समाजशास्त्र
  • समसामयिक घटनाएं/करंट अफेयर्स
  • लोक प्रशासन
  • अंग्रेजी भाषा

इन विषयों पर आपको गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें और सामग्री पढ़नी चाहिए। यदि आपके पास विशेष रूप से जिलाधिकारी के लिए कोई पुस्तक नहीं है, तो आप भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की तैयारी की किताबें पढ़ सकते हैं।

दोनों पदों के लिए तैयारी का स्वरूप लगभग समान होता है, क्योंकि डीएम और आईएएस दोनों ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के ही भाग हैं। इसलिए आईएएस की किताबें पढ़ना आपकी तैयारी में काफी सहायक होगा।

इस प्रकार, उपरोक्त विषयों पर मेहनत और गहन अध्ययन करके आप जिलाधिकारी बनने की अपनी योग्यता को और बेहतर बना सकते हैं।

मुख्य परीक्षा के लिए सिलेबस

पेपर सिलेबस अंक
निबंध किसी भी विषय पर निबंध 250
सामान्य अध्ययन 1 भूगोल, संस्कृति, भारतीय, विरासत 250
सामान्य अध्ययन 2 सम्विधान, शासन, सामाजिक न्याय 250
सामान्य अध्ययन 3 प्रोधोगिकी, पर्यावरण, आपदाप्रबधन 250

डीएम बनने में कितने साल लगते हैं?

जिलाधिकारी (डीएम) बनने के लिए एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी को निम्नलिखित अवधि का अनुभव प्राप्त करना आवश्यक होता है:

  • लोक प्रशासन संस्थान (लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी या लबसनाा) में 2 वर्ष का प्रशिक्षण
  • इसके बाद 4 वर्ष की सेवा अवधि

इस प्रकार, लबसनाा में 2 वर्ष के प्रशिक्षण काल सहित कुल 6 वर्ष की सेवा अवधि के बाद ही एक आईएएस अधिकारी, जिलाधिकारी (डीएम) के पद के लिए योग्य माना जाता है

इस दौरान, आईएएस अधिकारी को विभिन्न पदों और भूमिकाओं में अपना अनुभव प्राप्त करना होता है। उनका प्रदर्शन और क्षमता इस बात का निर्धारण करती है कि वे जिला प्रशासन के सर्वोच्च पद यानी जिलाधिकारी के लिए योग्य हैं या नहीं।

इसलिए, यह 6 वर्षीय अनुभव और प्रशिक्षण काल एक आईएएस अधिकारी को जिलाधिकारी बनने के लिए तैयार करता है।

डीएम बनने के लिए कौन सा एग्जाम होता है?

डीएम बनने के लिए, उम्मीदवार को सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है, जिसका आयोजन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा किया जाता है। इसके लिए निम्नलिखित योग्यताएं और शर्तें लागू होती हैं:

योग्यता:

  • किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए।
  • सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।

आयु सीमा:

  • न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए।
  • अधिकतम आयु 32 वर्ष होनी चाहिए।
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाती है।
  • अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जाती है।

डीएम बनने के लिए यह आवश्यक योग्यताएं और शर्तें पूरी करना अनिवार्य है। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी में भर्ती किया जाता है और उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता है।

डीएम बनने के लिए कितनी हाइट चाहिए?

आपने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) बनने की अतिरिक्त शर्त और उनके कार्यों के बारे में बताया, धन्यवाद। निम्नलिखित बिंदुओं को नोट किया गया है:

डीएम बनने की अतिरिक्त शर्त:

  • न्यूनतम लंबाई 5 फुट 6 इंच होनी चाहिए।

डीएम के प्रमुख कार्य:

  • जिले की सभी जेलों और पुलिस थानों का निरीक्षण करना।
  • जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना।
  • जिले में घटित अपराधों की जानकारी सरकार को देना।
  • अपने कार्यों की जानकारी मंडल आयुक्त को देना।

डीएम एक जिले का प्रशासनिक प्रमुख होता है और उसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जिले के विभिन्न विभागों के समन्वय की जिम्मेदारी होती है। उसके पास कई अधिकार और जिम्मेदारियां होती हैं जिनका निर्वहन करना होता है। आपके द्वारा प्रदान की गई जानकारी डीएम की भूमिका और कर्तव्यों को समझने में मददगार है।

डीएम का सिलेक्शन कैसे होता है?

  • डीएम का चयन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से होता है।
  • यह परीक्षा भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए आयोजित की जाती है।
  • IAS अधिकारी बनने के बाद, प्रमोशन के आधार पर डीएम का पद मिलता है।
  • UPSC द्वारा सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है।

सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद, उम्मीदवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में भर्ती किया जाता है। IAS अधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने और कुछ वर्षों के अनुभव के बाद, उन्हें प्रमोशन के आधार पर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का पद प्रदान किया जाता है। इस पद के लिए सीधी भर्ती नहीं होती है।

यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा तीन चरणों – प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार में विभाजित है। प्रत्येक चरण उत्तीर्ण करना आवश्यक होता है। इस परीक्षा के माध्यम से IAS अधिकारियों का चयन होता है, जिनमें से कुछ बाद में डीएम का पद संभालते हैं।

डीएम की सैलरी कितनी होती है?

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) का वेतन और सुविधाएं निम्नानुसार हैं:

वेतनमान:

  • डीएम का मूल वेतन प्रतिमाह 1 लाख रुपये से लेकर 1.8 लाख रुपये तक हो सकता है।
  • यह एक अच्छा खासा वेतनमान है जो इस महत्वपूर्ण पद के अनुरूप है।

सुविधाएं:

  • सरकार द्वारा डीएम को निवास स्थान (बंगला), वाहन (कार), सुरक्षा गार्ड और नौकरों की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • वेतन के अलावा, उन्हें आवास भत्ता, महंगाई भत्ता और यात्रा भत्ता जैसे अन्य भत्ते भी मिलते हैं।
  • सेवानिवृत्ति के बाद डीएम को पेंशन की सुविधा प्राप्त होती है।

इस प्रकार, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को एक उचित वेतन और विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, जो इस महत्वपूर्ण पद की गरिमा और जिम्मेदारियों के अनुरूप हैं। उचित वेतन और सुविधाओं से उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में सहायता मिलती है।

FAQ

प्रश्न: डीएम को कितना अधिकार प्राप्त होता है?

उत्तर: डीएम की पोस्ट काफी शक्तिशाली होती है। वह एक प्रकार से जिले का प्रभारी अधिकारी होता है और जिले में शासन संचालित करने के विशेष अधिकार रखता है।

प्रश्न: डीएम की नियुक्ति कितने समय के लिए होती है?

उत्तर: डीएम के रूप में कार्यकाल आमतौर पर 9 से 12 वर्ष का होता है। लंबे समय तक इस पद पर काम करने के बाद, आईएएस अधिकारी को विशेष सचिव या निदेशक जैसे उच्च पदों पर प्रमोशन मिलता है। इस कार्यपथ में 15-16 वर्ष की सेवा पूरी करनी होती है।

प्रश्न: एक जिले में कितने डीएम होते हैं?

उत्तर: प्रत्येक जिले में केवल एक ही डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट होता है।

प्रश्न: किसके द्वारा डीएम की नियुक्ति की जाती है?

उत्तर: डीएम की नियुक्ति संबंधित राज्य सरकार द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों में से की जाती है।

Conclusion

आज हमने डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (डीएम) बनने की पूरी प्रक्रिया, योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रणाली, कार्यकाल, अधिकार और सुविधाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। हमारा प्रयास रहा है कि इस महत्वपूर्ण पद से संबंधित सभी प्रमुख बिंदुओं को आसान और सटीक शब्दों में समझाया गया हो।

आशा है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक रही होगी। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो कृपया इसे अपने सोशल मीडिया नेटवर्क पर साझा करें ताकि अन्य लोगों को भी इससे लाभ मिल सके। साथ ही, यदि आप इस विषय पर कोई अतिरिक्त जानकारी चाहते हैं या कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं, तो कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें।

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